जान्हवी


सब कहते है की तुम मुझसी दिखती हो


सिर्फ तुम मुझ सी न बनना
मुझसे कई बेहतर बनकर दिखाना

कमिया बोहोत सी है मुझमे
तुम सिर्फ अछाइयो को अपनाना

ये दुनिया बोहोत रास्ते दिखलाएगी
तुम बस अपनी राह चुनना

मुझे बोहोत से डर ने सताया
तुम बहादुर और निडर बनना

नहीं तुम सब से तुलना करना
जो मन को दे खुशी वो करना

कभी जब अंतर्द्वंद में फस जाना
मन जो कहे सही तुम वही सुनना

पड़ना लिखना खूब आगे बढ़ना
लेकिन इससे ज्यादा एक खूबसूरत इंसान बनना

सब कहते है की तुम मुझसी दिखती हो

~ तुषार

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